इन परिणामों में 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का योगदान है, जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है और इन राज्यों से राष्ट्रीय औसत की तुलना में प्रति दस लाख आबादी पर कम मौत दर्ज हो रही हैं।
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन और प्रचार का सिलसिला अब जोर पकड़ने लगा है। अलग-अलग दल और नेता एक दूसरे पर आरोपों के शब्दबाण चला रहे हैं। खास बात यह है कि दावों और कागजों पर मिली उपलब्धि के भरोसे ही इस बार चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी है।
केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की केंद्रित रणनीतियों और प्रभावी उपायों के फलस्वरूप, भारत ने प्रति मिलियन कम से कम मामलों,प्रति मिलियन कम से कम मौतों वाले देशों में अपनी वैश्विक स्थिति को बरकरार रखा है।
भारत में लगातार सक्रिय मामलों में गिरावट का ट्रेंड जारी है। एक महीने के बाद लगातार दूसरे दिन भी सक्रिय मामलों की संख्या नौ लाख के नीचे रही है और इसमें गिरावट जारी है।
भारत में सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट का ट्रेंड बरकरार है। एक महीने के बाद पहली बार, सक्रिय मामले की संख्या नौ लाख से नीचे दर्ज किया गया है। भारत में 9 सितंबर को 8.97 लाख सक्रिय मामले दर्ज किए गए थे और आज यह 8.93 लाख दर्ज किया गया।
कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने सभी क्षेत्रों और उप-क्षेत्र प्रमुखों को हर महीने बीमित व्यक्तियों (आईपी) और उनके आश्रितों को स्थायी विकलांगता लाभ और आश्रित लाभ प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हर दिन बहुत अधिक संख्या में कोविड मरीजों के ठीक होने के साथ ही भारत में रोजाना उच्च स्तर का रिकवरी का ट्रेंड भी लगातार बना हुआ है। देश में पिछले 24 घंटों में 78,877 रिकवरी हुई हैं। इससे राष्ट्रीय रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 83.70 प्रतिशत है।
हाल के दिनों में भारत से दूर हो चीन से नजदीकियां बढ़ाने वाला नेपाल अब चीन के वुहान से निकले वायरस कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है। आलम यह है कि तेजी से बढ़ते संक्रमितों का इलाज के लिए संसाधनों का घोर अभाव देखा जा रहा है।
हर रोज बहुत अधिक संख्या में कोविड मरीजों के ठीक होने के कारण, भारत में रोजाना ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। देश में पिछले 24 घंटों में 85,376 रिकवरी दर्ज की गई है।