क्या मजबूर और कमजोर हो गया है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, सबूत है यह खबर

पुण्य प्रसून वाजपेयी इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि वह एक बड़ा नाम हैं। एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वरना न जाने कितने इस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सिपाही ऐसे ही रोज धकियाये जाते हैं। उनकी न कोई सुनवाई है न कोई आवाज़ उठाने वाला। क्योंकि चैनलों की फंडिंग से बढ़कर ईमानदारी नही है साहब।