क्या आत्महत्या के मामलों में आर्थिक मदद देने पर रोक लगनी चाहिए?

वास्तविकता की बात करें तो आत्महत्या में भारत सबसे आगे है और यहां हर घंटे, हर मिनट का आंकड़ा विनाशकारी है। ऐसे में अगर आर्थिक लाभ देने की कोई नीति बन जाये तो भी अनुमानतः अलग से इसके लिए एक फंड बनाना पड़ेगा।

आत्महत्या के बाद कहाँ जाती है आत्मा?

वैदिक ग्रंथों में एक लाइन में इनका जवाब मिलता है। आत्मघाती मनुष्यों के बारे में कहा गया है कि-असूर्या नाम ते लोका अँधेन तमसावृता।तास्ते प्रेत्यभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः