नोटबंदी के एक साल बाद भी आज इसके फायदे और नुकसान का आकलन जारी है लेकिन न सरकार को पता है न आरबीआई को कि इसके कितने फायदे हुए, कितने जनता को मिले, कितने अर्थव्यवस्था को हुए और कितना कालाधन कम हुआ या अंकुश लग सका