सभी पक्षों ने कहा की ये एहतिहासिक समझौता एक नए युग की शुरुआत है. इसके साथ ही यूएई इजराइल से डिप्लोमेटिक रिश्ते स्थापित करने वाला पहला खाड़ी देश भी बन गया है. इससे ट्रम्प सरकार की विदेश निति की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर भी देखा जा रहा है.
अगर यह आरोप सही साबित हुए और जांच में सही पाए गए तो शीर्ष नेतृत्वकर्ताओं के साथ इन भारतीय उद्योगपतियों के लिए भी मुश्किल बढ़ेगी। फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार है।