अजब राजनीति की गजब कहानी, कांग्रेस की यह अकड़ है पुरानी

परिवारवाद का आरोप लगता आया है। घोटाले के आरोप लगे। आपातकाल कांग्रेस के ही शासनकाल में लगा, सिख विरोधी दंगे हुए। इंदिरा और राजीव ने अपनी जान गंवाई। इसके बावजूद आज अगर यह पार्टी खड़ी है और सिमटती नजर आने के बावजूद बीजेपी को टक्कर देने का दम्भ भरती नजर आ रही है तो यकीन मानिए कुछ तो खास इसमे जरूर है।

सत्ता विरोधी लहर के बावजूद वसुंधरा को है इस नाम का भरोसा,पढ़ें

अमित शाह और राजस्थान की मुह्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को यह भरोसा है कि एक बार फिर राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनेगी।

दिसंबर जाते-जाते 2019 से पहले बीजेपी या कांग्रेस किसको गम और किसको खुशी देगा, पढ़ें

बीजेपी और कांग्रेस दोनो के लिए यह चुनाव नाक का सवाल थे। 2019 से पहले इसे सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इन चुनावों में सत्ता विरोधी लहर के हावी होने की संभावना प्रबल थी। यह नजर भी अब आ रही है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता का बयान, मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होतीं सुषमा

अब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि सुषमा जी नरेंद्र मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होतीं।

एक ऐसा इंटरव्यू जिसने राजनीतिक गलियारों में मचाया तूफान, गठबंधन पस्त, बीजेपी मस्त

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस-बसपा गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है वहीं बीजेपी को अप्रत्यक्ष तौर पर फौरी राहत भी दे दी है।

पूर्वोत्तर के इस राज्य में दक्षिण के राज्यपाल, क्या हैं इसके मायने?

केरल बीजेपी के इकाई प्रमुख रह चुके कुम्मनम राजशेखरन को मिजोरम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह शपथ लेकर अपना कार्यभार भी संभाल चुके हैं लेकिन उनकी नियुक्ति का विरोध कई स्थानीय राजनीतिक और अन्य संगठन कर रहे हैं।

अगर ऐसा ही रहा तो ममता खुद बीजेपी को सौंप देंगी बंगाल, गलत राजनीति की है यह शुरुआत

यह वह परंपरा है जहां सत्ता के लिए समाज के टुकड़े करने की एक साजिश की बू आ रही है। बीजेपी वहां शून्य से शिखर पर आने को आतुर है वहीं वाम के लाल किले को बंगाल में ध्वस्त कर सत्ता में काबिज हुईं ममता को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही यकीन हो चला है।

अगर ऐसा हुआ तो सबसे ज्यादा सीटें जीतकर भी कर्नाटक में सरकार नही बना पायेगी बीजेपी

कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर का गठबंधन अगर आने वाले भविष्य में जमीनी हकीकत बना तो शाह को सोचने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो खुद बीजेपी के आंतरिक सर्वे में बीजेपी बहुमत से दूर दिख रही है।

कभी विपक्ष की धुरी रही कांग्रेस अलग-थलग पड़ रही है, पढ़ें कैसे

क्षेत्रीय दलों के मन मे यह डर भी है कि कांग्रेस की स्वीकार्यता अभी भी 2014 जैसी ही है अजर मुमकिन है कि लोगों का समर्थन मोदी विरोध का बावजूद उसे न मिले।

जब इस नेता ने कहा सोनिया राहुल को छोड़ कोशिश करूंगा सबको बीजेपी में ले आऊं

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 23 साल कांग्रेस में रहते हुए व्यर्थ गंवा दिए। आज जब मैं उस दौर को याद करता हूँ तो मुझे अफसोस होता है।

कर्नाटक में भगवान भरोसे कांग्रेस

कर्नाटक में भी मुद्दों की कमी होगी और हिंदुत्व का एजेंडा होगा। ऐसे में यह भी साफ है कि विरोधियों के निशाने पर रही कांग्रेस वहां भगवान भरोसे ही है।

शाह, मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं यह मुद्दे, क्या चुनाव के लिए तैयार है सरकार?

हाल के दिनों में सरकार रोजगार से लेकर दलित आंदोलन, अर्थव्यवस्था से लेकर बैंकिंग और शिक्षा से लेकर सड़क तक चुनौतियों का सामना कर रही है।