बीजेपी आपरेशन आल आउट की हिमायती थी जबकि पीडीपी इसे बंद करने की पैरोकारी में लगी थी। बीजेपी के शासन वाली केंद्र सरकार रमजान के बाद सीजफायर को खत्म करना चाहती थी जबकि महबूबा इसके खिलाफ थीं।
यह कोई पहला मौका नही जब उद्धव इस तरह बीजेपी के खिलाफ बोलते नजर आए है। इससे पहले भी शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने संपादकीय के माध्यम से वहः कई बार सरकार के खिलाफ लिख कर बीजेपी को असहज स्थिति में डाल चुके हैं।