दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि उसने अपने कबूलनामे में यह स्वीकार किया है कि जब वह 2017 में पार्षद बना तब से ही उसके मन मे यह था कि अब वह राजनीति और पैसे के भडास हिंदुओं को सबक सिखा सकता है। इस कबूलनामे में ताहिर ने यह भी माना है कि उसका साथ खालिद सैफी और पीएफआई ने दिया था।
