ईरान, रूस और सभी पांच मध्य एशियाई देश जिनमें ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान शामिल हैं, इन्होंने पुष्टि की है कि वे अफगानिस्तान पर एनएसए स्तर की बैठक में भाग लेंगे, जिसकी मेजबानी भारत 10 नवंबर को करेगा।
गुपकार संधि के नेताओं और प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत को एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। गुपकार संधि के मुख्य नेता डॉ. फारुख अब्दुल्ला ने बताया था कि उन्हें प्रधानमंत्री की तरफ से बात करने का न्योता मिला जिसके लिए वे राज़ी है और अपनी बात प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने रखना चाहते हैं।
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ(सीडीएस)जनरल विपिन रावत ने लद्दाख में भारत-चीन सीमा जारी गतिरोध के बीच बड़ा बयान दिया है। सीडीएस रावत ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि अगर भारत-चीन गतिरोध दोनो सेनाओं के बीच बातचीत या राजनयिक विकल्प से हल नही होता है तो सैन्य विकल्प हमेशा तैयार है।