मशहूर वकील उज्जवल निकम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए नामित किया है। 72 वर्षीय निकम दशकों तक देश की अदालतों में न्याय के लिए लड़े और अब संसद में कानून से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
अपने करियर में निकम ने कई चर्चित मामलों की पैरवी की, जिनमें 1993 मुंबई ब्लास्ट, गुलशन कुमार हत्याकांड, कोपर्डी बलात्कार मामला और 26/11 हमले में अजमल कसाब को फांसी दिलाना शामिल है। उनके नाम 600 से ज्यादा उम्रकैद और 35 से अधिक फांसी की सजाएं दिलवाने का रिकॉर्ड है। 2016 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ से करीबी हार मिली। इसके बावजूद, उन्हें छह साल के लिए राज्यसभा में नामित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उन्हें नामांकन की सूचना दी। इस बातचीत को निकम ने यादगार बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी उनकी तारीफ की और कहा कि उनका समर्पण प्रेरणादायक है।
राज्यसभा में उनसे न्याय व्यवस्था में सुधार, आतंकवाद पर सख्त कानून और कानून को आम लोगों के लिए सरल बनाने पर योगदान की उम्मीद की जा रही है। उन्हें Z+ सुरक्षा मिली हुई है। निकम अब संसद में अपने अनुभव से न्याय के लिए नई दिशा तय करेंगे।
