केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की जारी हत्याओं को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दरअसल, गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां भेजने का फैसला किया है।

इससे राज्य में सुरक्षा बलों की कंपनियों की कुल संख्या 55 हो जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में अब तक 25 बीएसएफ और 25 सीआरपीएफ कंपनियां तैनात की गई हैं।

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सुरक्षा मुद्दों पर एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। अक्टूबर के अंत में अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था।

अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने के बाद से अमित शाह का यह पहला राज्य का दौरा था। सीआरपीएफ ने पिछले 48 घंटों में आतंकवादियों द्वारा की गई एक पुलिसकर्मी सहित 2 हत्याओं के बाद 5 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है।

एक सप्ताह में तैनाती पूरी कर ली जाएगी। इसका मतलब है कि 7500 सैनिक और तैनात किए जाएंगे जो आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाएंगे। अक्टूबर से अब तक घाटी में पंद्रह नागरिक मारे जा चुके हैं। इसमें कुछ गैर-कश्मीरी युवा भी शामिल हैं।

हाल के दिनों में पिस्टल से टारगेट किलिंग में बढ़ोतरी हुई है। नतीजतन, अधिकांश सैनिकों को श्रीनगर में तैनात किया जाएगा जहां नागरिकों की हत्या के अधिक मामले सामने आए हैं।

इसके अलावा घाटी में चेकिंग और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है। श्रीनगर में रोजाना 15,000 लोगों और 8,000 वाहनों की जांच की जा रही है। इस दौरान सीसीटीवी, ड्रोन समेत तमाम तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है।

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