बिहार में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण भीषण जाम से परेशान जिलों की महत्वपूर्ण सड़कों को चौड़ा करने की कवायद पथ निर्माण विभाग ने शुरू कर दी है। विभाग नेशनल हाइवे की तरह राज्य की प्रमुख सड़कों और स्टेट हाइवे के लिए भी नीति बनाने जा रहा है।

इस नीति के तहत विभाग अगले पांच सालों में सड़कों पर बढ़ने वाले वाहनों के दबावों का अध्ययन करेगा और उसी के आधार पर प्रदेश की सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और उनका रखरखाव किया जाएगा। स्टेट हाइवे पर दिन पर दिन लगने वाले जाम के मद्देनजर पथ निर्माण विभाग ने भविष्य के अनुसार सड़कों के चौड़ीकरण की नीति बनाने का फैसला किया है जिसे एक-दो महीने में कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा शुरू इस दिशा में कार्य करते हुए राज्य के सभी राज्य उच्च पथों को सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुये बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा क्रियान्वित निम्नलिखित राज्य उच्च पथ का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 25 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा।

पंकज कुमार, प्रबंध निदेशक, बिहार स्‍टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बताया गया कि बीएसआरडीसीएल के द्वारा निर्मित इन परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्‍यमंत्री के द्वारा किया जाना है :-

विहिया-जगदीशपुर पीरो-बिहटा राज्य उच्च पथ संख्या-102- यह राज्य उच्च पथ भोजपुर जिले में है। राज्य उच्च पथ पटना बक्सर 4-लेन पथ से सोन नदी के पश्चिमी किनारे आकर दनवार बिहटा में मिलता है, जहां से नासरीगंज दाउदनगर पुल के माध्यम से मगध प्रमंडल क्षेत्र की संपर्कता स्थापित होती है।

यह 54.519 किमी लंबा पथ है जिसकी लागत 504.208 करोड़ रू कही गई है। इसे 2 लेन विथ पेव्ड सोल्डर (10एम) चौड़ा बनाया गया है। इसमें आरा-सासाराम रेल लाईन पर पीरो आरओबी का निर्माण कार्य किया गया है।

अमरपुर-अकबरनगर (स्टेट हाईवे-85) पथ भागलपुर, मुंगेर एवं बांका जिलों  की यातायात में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगा। इसे 2 लेन के अंतर्गत निर्माण किया गया है जिसकी कुल लंबाई 29.3 किमी एवं लागत 220.719 करोड़ रू बताई जा रही है।

अकबरनगर के पास में सुलतानगंज सं अगुवानी घाट पर नया गंगापुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उसके बन जाने के उपरांत इस पथ के माध्यम से उत्तर बिहार की सुगम संपर्कता स्थापित हो सकेगी।

घोघा-पंजवारा (स्टेट हाईवे-84) भागलपुर एवं बांका जिले के लिए अत्यंत उपयोगी इस राज्य उच्च पथ का निर्माण कार्य 332.00 करोड़ की लागत से किया गया है जिसकी कुल लंबाई 41.11 किमी है। इसके बन जाने से यह भागलपुर शहर के आउटर बाईपास की तरह भी काम करेगा, जिससे संथालपरगना क्षेत्र से पत्थर लदे ट्रकों के आवागमन में व्यापक सहुलियत प्राप्त होगी।

इस पथ में घोघा बाजार में एक रेल उपरि पुल का निर्माण किया जा रहा है जिसमें भू-अर्जन में समय लगने के कारण विलंब हुआ है। यह कार्य 1 जनवरी, 2022 तक कर लिया जाने का अनुमान है।

बिहारीगंज वाईपास- उदाकिशुनगंज मधेपुरा एवं सुपौल जिलों के लिए अत्यंत लाभकारी, उदाकिशुनगंज-वीरपुर (स्टेट हाईवे-91) के अंतर्गत बिहारीगंज वाईपास का निर्माण कार्य भू-अर्जन में बिलंब के फलस्वरूप देरी से कार्यान्वित हुआ है। 4.55 किमी लंबे इस वाईपास का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है जो 10 मी चौड़ा है। बन जाने के बाद इसने यातायात अत्यंत सुगम किया है।

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