मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार से जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को फिर से शुरू करने जा रहे हैं। इसमें अलग-अलग जिलों से आए करीब 248 लोग शामिल होंगे। चार देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभा कक्ष में सुबह 11 बजे से इसका आयोजन होगा।

इसमें शामिल होने वाले सभी लोगों के बैठने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूरी व्यवस्था की गई है। आने वाले सभी लोगों का संबंधित जिले में ही कोरोना जांच कराई गई है। सिर्फ नेगेटिव जांच रिपोर्ट वालों को ही इस कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी गई है।

सभी संबंधित जिला प्रशासन के स्तर पर इसके लिए विशेष तौर पर तैयारी की गई है। साढ़े चार साल से ज्यादा समय बाद फिर से शुरू हो रहे इस पहले जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, श्रम संसाधन, सामान्य प्रशासन विभाग, कला संस्कृति और वित्त विभाग से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई होगी।

मुख्यमंत्री सीधे जनता के साथ संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इस बार नई व्यवस्था की गई है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति अब मोबाइल एप के माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वालों को एसएमएस या ईमेल से जानकारी भेजी जाएगी।

इसके बाद संबंधित डीएम के स्तर से आवेदकों को सूचना भेजी जाएगी। फिर इनका आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट कराया जाएगा जिसके बाद रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही इन्हें जनता दरबार में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। अल्पाहार और पानी भी व्यवस्था भी रहेगी।

दूर के जिलों के लोगों के लिए पटना से नजदीक के जिलों में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। अररिया व कटिहार जिलों के आवेदकों के लिए बेगूसराय, किशनगंज और पूर्णिया के लिए समस्तीपुर, सहरसा व सुपौल वालों के लिए मुजफ्फरपुर, भागलपुर व बांका जिला वालों के लिए नालंदा और पश्चिम चंपारण व मधेपुरा जिलों के आवेदकों के लिए वैशाली जिले में रविवार की रात में ठहरने की व्यवस्था की गई है।

इसके बाद अगले दिन ये लोग पटना आएंगे। कार्यक्रम की वेबकास्टिंग बेल्ट्रॉन के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की सोशल मीडिया साइट पर इसे लाइव प्रसारित किया जाएगा।

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