एनआईए शनिवार के दिन, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी काफिल के छह दिनों की रिमांड लेने में कामयाब हो गई है। आतंकी काफिल दरभंगा रेलवे स्टेशन पार्सल ब्लास्ट केस का आरोपी है। आतंकी काफिल और हाजी सलीम को उत्तर प्रदेश के कैराना से पटना लाकर शनिवार के दिन एनआईए के सामने पेश किया गया।

पहले सलीम को काफिल का पिता बताया जा रहा था लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। हालांकि एनआईए ने कोर्ट से काफिल के 10 दिनों के रिमांड की मांग की थी। दोनों आरोपियों को बेउर जेल भेजा गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान अगली पेशी 9 जुलाई को होगी। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से एक पार्सल बरामद किया गया था जिसमें केमिकल मौजूद था और उसे औरतों के कपड़ों में चिपकाकर कांच के गिलास में रखा गया था। 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर इस पार्सल के जरिए ब्लास्ट हुआ था।

इसी मामले में एनआईए ने मोहम्मद नासिर मलिक और उसके भाई इमरान खान की बेउर जेल से कस्टडी शनिवार के दिन पूछताछ के लिए हासिल की थी। दोनों को सलीम के आतंकी नेटवर्क के लिए भर्ती किया गया था। दोनों आतंकियों को हैदराबाद में 30 जून की गिरफ्तारी के बाद पटना लाया गया था।

नासिर ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनकी साजिश ट्रेन को उड़ाने की थी लेकिन एक चूक के कारण ऐसा नहीं हो सका। उनकी प्लानिंग सिकंदराबाद दरभंगा ट्रेन को ब्लास्ट करने की थी लेकिन आतंकियों द्वारा ट्रेनिंग के सही तरीके से अंजाम न दे पाने के कारण यह योजना पूरी ना हो सकी।

पूछताछ के डिटेलिंग में यह खुलासा हुआ कि बम बनाने की आतंकी ट्रेनिंग इकबाल काना ने पाकिस्तान के जरिए ऑनलाइन तरीके से दी थी। नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक एसिड के मिलने के बाद यह धमाका होना था, जिससे इस बम को तैयार भी किया गया था।

दोनों एसिड के बीच एक पेपर रखना था ताकि पेपर जलते ही दोनों एसिड मिले और रामागुंडम और काजीपेट के स्टेशन के बीच यह धमाका होता। लेकिन आतंकी नासिर ने गलती से पेपर की जगह हार्ड बोर्ड रख दिया था जिसके कारण रणनीति के तहत ब्लास्ट नहीं हुआ और उस में देरी लगी। अतः यह ब्लास्ट दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुआ।

एनआईए ने बताया है कि पूछताछ की टीम द्वारा उनके अन्य साथियों और योजनाओं की जांच की जाएगी कि वह भारत में और कहां-कहां ऐसे आतंकी हमले करने की फिराक में थे। साथ ही यह भी पता किया जाएगा कि उनकी ट्रेनिंग कहां से होती है और भारत में आतंक फैलाने के लिए उनकी फंडिंग कौन करता है।