जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने मंत्री मदन सहनी ने प्रकरण को लेकर राजनेताओं और अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए संवाद बने रहने और समय-समय पर प्रशिक्षण मिलते रहने और कानून व्यवस्था की जानकारी मिलते रहने चाहिए की बात कही।

वह रविवार को जद(यू) प्रदेश मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में वर्चुअल सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंत्री मदन सहनी की नाराजगी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि, “अपना घर है, यदि कोई नाराज होता है तो अपनी बात मुखिया के सामने कहता है।

वह कभी रूठे हुए नहीं थे, ऐसे में मनाने की जरूरत नहीं।” मदन सहनी के दिल्ली में राजद प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात की अटकलों पर आरसीपी सिंह ने कहा कि, “पब्लिक लाइफ में कोई किसी से भी मिल सकता है।” संसद सत्र के दौरान वह भी अलग-अलग पार्टी के नेताओं से मिलते हैं।

सबसे अच्छे संबंध है। “राजनीति में हमारी पार्टी के लोग परेशानी होने पर अपनी बात रखते हैं, लेकिन सभी लोगों की आस्था और विश्वास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति बनी हुई है।” विपक्ष नेता तेजस्वी यादव के द्वारा तीन महीनों के भीतर सरकार गिरने के बात पर उन्होंने कहा कि, “एनडीए सरकार बिहार में पांच साल चलेगी। बहुत गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।”

राज्य सरकार को गिरी हुई सरकार बताने के बयान पर उन्होंने कहा कि, “आदमी में कमजोरी हो सकती है, आदमी में गिरावट हो सकती है। सरकार तो व्यवस्था और संस्था है, इसमें गिरावट कैसे हो सकती है?” अधिकारियों पर मनमानी के आरोपों पर उन्होंने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण मिलना चाहिए।

बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद महत्वपूर्ण प्रशिक्षण संस्थान झारखंड चले गए। उन्होंने कहा कि नेताओं और अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं, समझ की कमी है। अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है और समन्वय के लिए उनके बीच संवाद बना रहना चाहिए और समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।