जैसे-जैसे हाथरस केस की इन्वेस्टीगेशन आगे बढ़ती जा रही है इस मामले के नए-नए पहलू सामने आ रहे है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से पीड़िता के परिवार के साथ कुछ भाहरी तत्व भी रह रहे थे जो लगातार परिवार को भड़काने का काम कर रहे थे.
पुलिस ने बताया की पीड़ित परिवार की सुरक्षा के मद्देनज़र उनके घर के बाहर मेटल डिक्टेक्टर और घर में CCVT कैमरे लगाए गए थे जिससे आने जाने वाले लोगों पर नज़र रखी जा सके. मगर जबसे यह कैमरे लगाए है तबसे परिवार के कुछ सदस्य गायब हो गए है. उनमें से एक है पीड़िता पीड़ित परिवार के साथ रह रही राजकुमारी.
राजकुमारी अपने आप को पीड़िता की भाभी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर रही थी. पुलिस का आरोप है की वह पीड़ित परिवारों को बरगलाते हुए देखी गई है. पुलिस का यह भी मानना है की वही परिवारवालों को बता रही थी की मीडिया में क्या बयान देना है. मगर कैमरे लगने के बाद वह चुपचाप यहाँ से गायब हो गई. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए है.
आपको बतादें की इससे पहले इस मामले में मामले में ED ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था. ED के अनुसार हाथरस के गर्माए माहौल के दौरान जातीय हिंसा भड़काने की कोशिशें की जा रही है.

इसके लिए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को मॉरीशस से 100 करोड़ रूपए की फंडिंग भी की गई है. ED अब पूरे मामले की छानबीन करने में जुटा है. दंगा भड़काने की साजिस करने के आरोप में मथुरा से 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है.
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