अब सामने पाया डेल्टा प्लस वेरिएंट,देश के 12 राज्यों में मिले मामले

एक तरफ जहां कोरोना के मामले देश में तेजी से घटते नजर आ रहे हैं वहीं डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। देश में जहां 4 से 10 मई के बीच कोरोना के मामलों में 21.4% की रफ्तार देखी गई थी वही मौजूदा समय में इसमें 78% की कमी दर्ज की गई है।

 कोरोना के डेल्टा वैरीएंट का अपग्रेडेड रूप अब डेल्टा प्लस वेरिएंट में पाया गया है। डेल्टा वैरीएंट के मामले अब तक 85 देशों में पाए जा चुके हैं। केंद्र ने जानकारी देते हुए कहा कि नए रूप में डेल्टा प्लस वेरिएंट आया है जिसकी पहचान वैश्विक स्तर पर की गई है। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ वीके पॉल ने जारी बयान में बताया कि, “इस वेरिएंट को सबसे पहले मार्च महीने में यूरोप में पाया गया था पर इसकी जानकारी लोगों के बीच, वैश्विक स्तर पर 13 जून को दी गई। अभी इस नए वेरिएंट पर और शोध जारी है।”

नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ़ इम्यूनाइजेशन के अध्यक्ष डॉक्टर एनके अरोड़ा ने बताया कि कोरोना के बाकी वैरीएंट के मुकाबले यह डेल्टा प्लस वेरिएंट जल्दी और आसानी से फेफड़ों तक पहुंच सकता है। यह प्लस वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले 60% अधिक तेजी से फैल रहा है।

हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि यह ज्यादा बहुत घातक संक्रमण फैलाने वाला है या इससे कोरोना के गंभीर लक्षण हो सकते हैं क्योंकि इस पर अभी ज्यादा कुछ कहने के लिए पर्याप्त मात्रा में कोई स्टडी या जानकारी नहीं है। लक्षणों की बात करें तो कफ,बुखार, चक्कर आना, छाती में दर्द, सांस की कमी, सिर दर्द, पेट दर्द और भूख की कमी शामिल हैं।

ज्ञात हो कि इस वेरिएंट के अब तक 12 राज्यों में 51 मामले मिल चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में पाए गए हैं। चिंता की बात यह है कि शोधकर्ताओं के मुताबिक वैक्सीनेशन शायद इस डेल्टा प्लस वैरीएंट को रोकने में ज्यादा कारगर साबित ना हो। रोगियों के साथ अधिक वक्त बिताने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों में कोविड के टीके के दोनों डोज़ लेने के बाद भी संक्रमण की संभावना अधिक देखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *