वाइस एडमिरल ए के चावला पीवीएसएम,एवीएसएम,एनएम,वीएसएम,एडीसी,फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ,दक्षिणी नौसैनिक कमान(एसएनसी)ने भारत के राष्ट्रपति की ओर से यहां कोच्चिं नौसेना अड्डे पर 25 सितंबर 2020 को नौसेना अलंकरण समारोह में बहादुर नौसेना कर्मियों को वीरता एवं गैर वीरता पदक (गणतंत्र दिवस-2020 पर घोषित) प्रदान किए।
इनके अलावा उन कर्मियों को भी सम्मानित किया जिन्होंने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया,पेशेवर उपलब्धियां हासिल कीं, उच्चस्तरीय उल्लेखनीय सेवा की और सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर चार नौसेना मेडल(वीरता), दो नौसेना मैडल (ड्यूटी के प्रति समर्पण), चार विशिष्ट सेवा मेडल (लंबे समय तक वीरता का परिचय देना) समेत कुल दस पदक प्रदान किए गए।
इस अवसर पर कमांडर इन चीफ ने एक जीवन रक्षा पदक-मेडल (साहसिक कार्य एवं आत्म बलिदान के लिए) के साथ साथ पिछले एक वर्ष में असाधारण सेवा के लिए एशोर यूनिट (प्रतिष्ठान) एवं एफ्लोट यूनिट(जहाज़)को वर्ष 2020-21 के लिए यूनिट साइटेशन दिए जाने की घोषणा की।
अलंकरणों का विस्तृत विवरण इस प्रकार हैः
नौसेना मैडल (वीरता)
- कमांडर शैलेंद्र सिंह
- कमांडर विक्रांत सिंह
- लेफ्टिनेंट कमांडर रवीन्द्र सिंह चौधरी
- लीडिंग सीमैन सुशील कुमार
नौसेना मैडल (ड्यूटी के प्रति समर्पण)
- कोमोडोर एमपी अनिल कुमार
- कोमोडोर गुरचरण सिंह
विशिष्ट सेवा मेडल
- रियर एडमिरल तरुण सोब्ती
- कोमोडोर अजीत वी कुमार
- कोमोडोर आर रामकृष्णन अय्यर
- कैप्टन के निर्मल रघु
जीवन रक्षा पदक
- चीफ पैटी ऑफिसर,मुकेश कुमार
यूनिट साइटेशन
- एशोर यूनिट -आईएएस चिल्का(प्रतिष्ठान)
- अफ्लोट यूनिट -आईएनएस सुजाता (जहाज़)
इस अवसर पर वाइस एडमिरल ए. के. चावला ने कहा कि यह एक विशेष महत्व का अवसर है जिसमें अपने साथी नौसेनाकर्मियों की बहादुरी के कारनामों और ड्यूटी के प्रति समर्पण को भारतीय नौसेना औपचारिक मान्यता प्रदान करती है। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई दी और इस बात को रेखांकित किया कि नौसेना के सभी पुरुष और महिला कर्मचारी हर समय आगे बढ़कर उसी तरह की निस्वार्थ सेवा देते हैं जैसी भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र के लिए हर समय देती है। उन्होंने इसके लिए हाल में “आईएनएस निरीक्षक” द्वारा मॉरिशस को प्रदान की गई सहायता का उदाहरण दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री की “सागर” (क्षेत्र के सभी देशों के लिए सुरक्षा और तरक्की-सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर आल इन दि रीजन)परिकल्पना पर आधारित था ।
इस अलंकरण समारोह के दौरान हुई रस्मी परेड में 50 कर्मियों ने सलामी गारद निकाली। सलामी गारद का निरीक्षण वाइस एडमिरल ए. के. चावला ने किया। इससे पहले उन्होंने एसएनसी के विभिन्न जहाज़ों और प्रतिष्ठानों के नौसेनाकर्मियों की पलटनों द्वारा की गई परेड का निरीक्षण किया। इस परेड का नेतृत्व कमांडर अभिषेक तोमर ने किया।
समारोह में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। यह समारोह (एनआईसी) सामान्य तौर पर भारतीय नौसेना के लिए ही आयोजित किया जाता है। फिर भी देश के वर्तमान स्वास्थ्य परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए इसे हर कमान के अपने कर्मचारियों के लिए स्थानीय तौर पर आयोजित किया गया। इनमें सामाजिक दूरी बनाए रखने के सभी नियमों और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
30 साल तक समुद्र की निगहबानी के बाद अंतिम सफर पर निकला आइएनएस विराट, जानें अब इसका क्या होगा?
अब समुद्री सीमा को लेकर इंडोनेशिया से उलझा चीन, साउथ चाइना सी पर फिर छाए तनाव के बादल
भारतीय और अमेरिकी रक्षा शिष्टमण्डलों ने रक्षा सहयोग के बारे में वर्चुअल विचार-विमर्श आयोजित किया
