जून में हुए भीषण विमान हादसे के बाद एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को आयोजित एविएशन इंडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एयरलाइन अपने आंतरिक सिस्टम और संचालन प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार लाएगी।
अहमदाबाद में जून महीने में हुए बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे, जिनमें बिना सुरक्षा जांच के उड़ान भरना, इंजन के पुर्ज़े समय पर न बदलना, रिकॉर्ड फर्जीवाड़ा और क्रू थकान प्रबंधन में कमी जैसे मामले शामिल हैं।
विल्सन ने कहा, “हम लगातार सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं। यह साल हमारे लिए व्यापारिक दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। हम जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।”
भारत की विमानन जांच एजेंसी की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि विमान के ईंधन इंजन स्विच उड़ान के तुरंत बाद ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में चले गए थे, जिसके कारण हादसा हुआ।
इसके साथ ही एयर इंडिया को विमान आपूर्ति में देरी और भारत-पाकिस्तान के बीच वायु क्षेत्र बंद होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीईओ ने कहा, “एयरस्पेस प्रतिबंध हमारी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।”
