जारी है बिहार चुनावों से पहले दल बदलने का सिलसिला, अब लालू के समधी आए नीतीश के पाले

बिहार विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों और तैयारियों के बीच पाला बदलने का खेल बदस्तूर जारी है। बड़े नामों की बात करें तक नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री और जदयू के बड़े दलित नेता माने जाने वाले श्याम रजक ने नीतीश का साथ छोड़ राजद के दामन थाम लिया था। उसके बाद से लगातार इस दल से उस दल में नेताओं के आने जाने का सिलसिला अनवरत जारी है।

नीतीश के मंत्री को तेजस्वी का सहारा, जदयू से निकाले गए तो आरजेडी में हुए शामिल

जदयू के बड़े दलित नेता श्याम रजक पार्टी से निष्काषित किए जाने के बाद अब आरजेडी में शामिल हो गए हैं।

चुनाव से पहले जदयू में बड़ा पॉलिटिकल ड्रामा, मंत्री के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच पार्टी ने किया निष्काषित

श्याम रजक आरजेडी में घर वापसी करेंगे। 2009 में उन्होंने आरजेडी छोड़ जदयू के दामन थाम लिया था।

भारत बंद की क्या रही उपलब्धि, नेताओं पर हुए हमले या राजनीतिक दलों की बढ़ती बेचैनी?

हिंसा गलत है लेकिन जिस तरह बिहार में पप्पू यादव और श्याम रजक आज भीड़ के हमले का शिकार हुए। यह सही नही लेकिन यह सोचना होगा कि यह स्थिति क्यों बनी? कौन है जिम्मेदार? इससे पहले एमपी और राजस्थान में भी कई जगह से बड़े नेताओं पर हमले की खबर आ चुकी है। राजनीति बदलेगी, बदलनी पड़ेगी। यही वक़्त की नजाकत है। खैर नजारे हम क्या देखें और दिखाएं यह तो 2019 में ही पता लगेगा।