प्रेस की आज़ादी पर कोई भी आघात देश के लिए नुकसानदेह होगा : उपराष्ट्रपति

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर कहा कि प्रेस की आज़ादी पर कोई भी आघात राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है तथा हर एक नागरिक द्वारा इसका विरोध किया जाना चाहिए।

क्या मजबूर और कमजोर हो गया है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, सबूत है यह खबर

पुण्य प्रसून वाजपेयी इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि वह एक बड़ा नाम हैं। एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वरना न जाने कितने इस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सिपाही ऐसे ही रोज धकियाये जाते हैं। उनकी न कोई सुनवाई है न कोई आवाज़ उठाने वाला। क्योंकि चैनलों की फंडिंग से बढ़कर ईमानदारी नही है साहब।

काश मलेशिया की तरह एक कानून यहां भी पास हो जाए, आधे फसाद ऐसे ही खत्म हो जाएं

मलेशिया ने एक कानून बनाया है। इस कानून के मुताबिक अगर वहां कोई पत्रकार या अखबार कोई गलत खबर या फेक न्यूज़ छापता है तो उसे छह साल की सजा दी जाएगी।