उनकी राजनीतिक विरासत किसके हाथ जाएगी? बेटे स्टालिन या बेटी कनिमोझी? स्टालिन बेशक करुणानिधि के रहते राजनीतिक अगुवा रहे लेकिन कनिमोझी केंद्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनपर 2जी घोटाले का आरोप भी लगा।