यह सारा विवाद तब उत्पन्न हुआ जब ममता सरकार ने मुहर्रम को तवज्जो देते हुए विजयादशमी के बाद सिर्फ 6 बजे तक मूर्ति विसर्जन कि अनुमति दी थी.