मोबाइल सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग वर्जित है ऐसे में यह तस्वीर कहाँ से आई? अगर यह सच है तो परिणाम में किसी बड़े गोलमाल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.
यह दांव है बिना पीएम उम्मीदवार या चेहरे के चुनाव लड़ना। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो हाल ही में दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद यह सामने आया है कि विपक्ष चुनाव बिना किसी चेहरे पर लड़ेगा।
आज उम्र के इस पड़ाव में जेल में जीवन बिताने को बाध्य कर दिया। इसके बावजूद न लालू झुके, न बदला उनका तेवर और अंदाज़। इसलिए तो कहते हैं कि लालू बदनाम तो हुए लेकिन नाम भी खूब हुआ।
भारत के लोकतंत्र में जिस तरह 2014 में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और विपक्ष सिमटता चला गया वैसे में न सिर्फ सरकार निरंकुश हुई बल्कि विपक्ष भी कमजोर ही हुआ।
खबरों के मुताबिक अप्रैल में एलान हो सकते हैं। जी नही ऐसा अब इस माहौल में नही होगा जब कि बीजेपी अपने सहयोगियों और विपक्ष से घिरी हुई है। पहले ऐसा एलान इसलिए संभव था क्योंकि मोदी लहर फीकी पड़ने से पहले मोदी और बीजेपी यह मौका भुना लेना चाहते थे।