अशिक्षा और जागरूकता की कमी से भयावह हो रहे आत्महत्या के आंकड़े, पढ़ लें यह क्रूर सच्चाई

आपको जान कर हैरानी होगी, हमें लिखते हुए हो रही है कि अलग-अलग गाँव ऐसे हैं जहां लोग आज भी अपने जनप्रतिनिधि को नही जानते, अपने सीएम को नही पहचानते, योजनाओं की जानकारी नही है, कानून का आता पता नही है।

जहां अशिक्षा है वहां आत्महत्या आम है लेकिन जहां शिक्षा है वहां भी हम बदनाम है?

अशिक्षा, गरीबी और जागरूकता आत्महत्या की वजह हैं लेकिन जो आत्महत्या के आंकड़े शहरों से तथाकथित पढ़े-लिखे वर्ग से आ रहे हैं वहां ऐसा क्यों है?