भारत ने नमूनों के परीक्षण में एक नया मील का पत्थर पार किया

भारत ने जनवरी 2020 से कोविड-19 के कुल परीक्षणों की संख्या में तेजी से वृद्धि का प्रदर्शन किया है। देश ने आज कुल 9 करोड़ नमूनों के परीक्षणों की सीमा को पार कर लिया है।

कागजों पर मिली उपलब्धि गिना रही सरकार, कैसे होगा बेड़ा पार?

बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन और प्रचार का सिलसिला अब जोर पकड़ने लगा है। अलग-अलग दल और नेता एक दूसरे पर आरोपों के शब्दबाण चला रहे हैं। खास बात यह है कि दावों और कागजों पर मिली उपलब्धि के भरोसे ही इस बार चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी है।

भारत प्रति मिलियन कम से कम मामलों और प्रति मिलियन कम से कम मौतोंऔर उच्च परीक्षण वाले देशों में लगातार शामिल है

केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की केंद्रित रणनीतियों और प्रभावी उपायों के फलस्‍वरूप, भारत ने प्रति मिलियन कम से कम मामलों,प्रति मिलियन कम से कम मौतों वाले देशों में अपनी वैश्विक स्थिति को बरकरार रखा है।

भारत में सक्रिय मामलों में गिरावट का ट्रेंड लगातार जारी

भारत में लगातार सक्रिय मामलों में गिरावट का ट्रेंड जारी है। एक महीने के बाद लगातार दूसरे दिन भी सक्रिय मामलों की संख्या नौ लाख के नीचे रही है और इसमें गिरावट जारी है।

एक महीने के बाद पहली बार सक्रिय मामलों की संख्या नौ लाख के नीचे

भारत में सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट का ट्रेंड बरकरार है। एक महीने के बाद पहली बार, सक्रिय मामले की संख्या नौ लाख से नीचे दर्ज किया गया है। भारत में 9 सितंबर को 8.97 लाख सक्रिय मामले दर्ज किए गए थे और आज यह 8.93 लाख दर्ज किया गया।

मेडिकल बोर्ड के अनुसार 85 लाभार्थियों के लिए स्थायी विकलांगता लाभ मिलना शुरू

कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने सभी क्षेत्रों और उप-क्षेत्र प्रमुखों को हर महीने बीमित व्यक्तियों (आईपी) और उनके आश्रितों को स्थायी विकलांगता लाभ और आश्रित लाभ प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, लगातार दो सप्ताह ​तक सक्रिय मामलों की संख्या 10 लाख से कम रही

भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लगातार 14 दिन तक देश में सक्रिय मामलों की संख्या 10 लाख से नीचे बनी रही।

एसएआई ने कोविड-19 संक्रमित उच्च प्रदर्शन करने वाले एथलीट के लिए “ग्रैजुएट रिटर्न टू प्ले” (जीआरटीपी) नामक दिशा निर्देश जारी किए

कोविड-19 वायरस से संक्रमित होने वाले उच्च प्रदर्शन करने वाले एथलीटों के लिए दिशा निर्देश (एसओपी) जारी किए

भारत में लगातार 11 वें दिन 10 लाख से कम रहे सक्रिय मामले

हर दिन बहुत अधिक संख्या में कोविड मरीजों के ठीक होने के साथ ही भारत में रोजाना उच्च स्तर का रिकवरी का ट्रेंड भी लगातार बना हुआ है। देश में पिछले 24 घंटों में 78,877 रिकवरी हुई हैं। इससे राष्ट्रीय रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 83.70 प्रतिशत है।

कोरोना से त्रस्त हुआ नेपाल- कहा अब दोबारा लॉकडाउन का सहारा

हाल के दिनों में भारत से दूर हो चीन से नजदीकियां बढ़ाने वाला नेपाल अब चीन के वुहान से निकले वायरस कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है। आलम यह है कि तेजी से बढ़ते संक्रमितों का इलाज के लिए संसाधनों का घोर अभाव देखा जा रहा है।

भारत में रिकवरी के लगभग 53 लाख कुल मामले, केवल 12 दिनों में हुई 10 लाख रिकवरी

हर रोज बहुत अधिक संख्या में कोविड मरीजों के ठीक होने के कारण, भारत में रोजाना ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। देश में पिछले 24 घंटों में 85,376 रिकवरी दर्ज की गई है।

भारत में रिकवरी रेट 83 प्रतिशत के पार पहुंचा

भारत में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान पुष्टि के नए मामलों की तुलना में रिकवरी मामलों की संख्या अधिक दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आज भारत का रिकवरी रेट 83 प्रतिशत के पार चला गया।

कोविड-19 पर अपडेट- ठीक होने वाले नए रोगियों की संख्या में 10 राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों का 76 फीसदी योगदान

पिछले कई दिनों से भारत में लगातार नए मामलों की तुलना में ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है।

भारत ने एक दिन में सर्वाधिक रोगियों के स्वस्थ होने का रिकॉर्ड बनाया

एक अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए, भारत ने एक दिन में सबसे अधिक मरीज़ों के स्वस्थ होने का रिकॉर्ड बनाया है।

Corona Effect- सुधरी अर्थव्यवस्था तो 73 प्रतिशत लोग लेंगे अपनी गाड़ी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नही मान रहे सेफ, जानें

कोरोना वायरस की भारत मे एंट्री के बाद से लॉकडाउन का एक लंबा वक्त लोगों ने घरों में कैद होकर बिताया। इस दौरान जहां सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप थी वहीं लंबे समय तक निजी गाड़ियों को भी पास लेने के बाद ही चलने की अनुमति थी। हालांकि अब धीरे-धीरे आम जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिशें न सिर्फ सरकारें कर रही है बल्कि कोरोना की मार से बुरी तरह प्रभावित हो चुके आमलोग भी अब सामान्य जनजीवन की तरफ लौटने लगे हैं।