म्यांमार और बांग्लादेश के स्थानीय निवासियों से पूछा गया कि इन्हें क्यों निकाला जा रहा है दिक्कत क्या है तो उन्होंने कहा पहले ये शरण और सहारा मांगते हैं बाद में लूट मार और कब्ज शुरू कर देते हैं।