आरक्षण के लाभ के ऊपर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि आरक्षित श्रेणी का व्यक्ति बिहार या झारखंड किसी भी राज्य में लाभ का दावा कर सकता है लेकिन नवंबर 2000 में पुनर्गठन के बाद दोनों राज्यों में एक साथ आरक्षण का दावा नहीं कर सकता।