राष्ट्रीय शिक्षा नीति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके एक न्यायसंगत और जीवंत ज्ञानवान समाज विकसित करने का दृष्टिकोण निर्धारित करती है: राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य समावेशी और उत्कृष्टता के दोहरे उद्देश्यों को प्राप्त करके 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करना है। यह सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके एक समतामूलक और जीवंत ज्ञानवान समाज विकसित करने का दृष्टिकोण निर्धारित करती है। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने उच्च शिक्षा में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन’ पर आगंतुकों के सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में आज यह बात कही।

‘21वीं सदी में स्कूली शिक्षा’ पर सम्मेलन में बोले पीएम मोदी,खेल-खेल में शिक्षा अब गांवों में भी पहुंचेगी

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 21वीं सदी के भारत को एक नई दिशा देने जा रही है और हम उस क्षण का हिस्सा बन रहे हैं जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि इन तीन दशकों में शायद ही हमारे जीवन का कोई भी पहलू एकसमान बना रहा हो लेकिन हमारी शिक्षा प्रणाली अब भी पुरानी व्यवस्था के तहत चल रही है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर राज्यपालों के सम्मेलन को करेंगे संबोधित

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 7 सितंबर को सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।