सामाजिक कार्यों और पत्रकारिता की दुनिया में हरिवंश जी ने जिस तरह अपनी ईमानदार पहचान बनाई है, उस वजह से मेरे मन में हमेशा उनके लिए बहुत सम्मान रहा है। मैंने महसूस किया है हरिवंश जी के लिए जो सम्मान और अपनापन मेरे मन में है, इन्हे करीब से जानने वाले लोगों के मन में है, वही अपनापन और सम्मान आज सदन के हर सदस्य के मन में भी है।
