बिहार की सभी 243 सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. सभी दलों ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. सभी दल सत्ता पर काबिज़ होने का दावा कर रहे है. बिहार चुनाव का नतीजा क्या होगा यह तो 10 नवंबर को ही पता चलेगा मगर आइये आपको बताते है की सट्टा बाजार किसके सर ‘मुख्यमंत्री का ताज’ पहना रहा है.

पिछले 7 दिनों से सट्टा बाजार में काफी उथल-पुथल चल रही थी. सट्टा बाजार की बोली शाम को करीब 4 बजे खत्म हुई जिस वक़्त वोटिंग की प्रक्रिया चल रही थी. सट्टा बाजार के मुताबिक बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है. महागठबंधन को बहुमत मिलता हुआ दिख रहा है. सट्टा बाजार NDA को करारा झटका दे रहा है.

सट्टा बाजार के अनुसार RJD को अकेले 98 सीटें मिलेंगी. बिहार चुनाव में RJD सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है. सट्टा बाजार के अनुसार बिहार में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन होता दिखाई दे रहा है.  इस बार RJD  ने तेजस्वी यादव की अगुवाई में चुनाव लड़ा है. लालू प्रसाद यादव की अनुपस्थिति में यह तेजस्वी की अग्नि परीक्षा मानी जा रही है.

सट्टा बाजार के मुताबिक महागठबंधन को 145-150 सीटें मिलने का अनुमान है. यह महागठबंधन खेमे के लिए बड़ी खुशखबरी है. सट्टा बाजार बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की आंधी बता रहा है.

सट्टा बाजार के अनुसार NDA को सिर्फ 81-83 सीटें मिलने का अनुमान है. यानि की सट्टा बाजार के अनुसार अकेले RJD NDA से ज्यादा सीटें लेकर आ रही है. वहीँ सट्टा बाजार के मुताबिक 17 सीटें बाकि सभी दल को मिलेंगी जिसके AIMIM, पप्पू यादव की पार्टी, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी, चिराग पासवान की लोजपा और निर्दलीय आदी भी शामिल है.

अगर सट्टा बाजार की बात मानले तो इसका मतलब है की तेजस्वी यादव को सिर्फ मुस्लिम-यादवों का वोट ही नहीं बल्कि सभी जातियों का वोट मिला है. इस बात से यह साबित हो रहा है की उनकी 10 लाख नौकरियां देने की बात चुनाव में बड़ा फैक्टर साबित हुई है.