सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर जहां दिल्ली-NCR में स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर में भेजने का निर्देश दिया गया है, फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर जानवर प्रेमियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “दया इंसानों के लिए भी होनी चाहिए, न कि सिर्फ कुत्तों के लिए।”
अपनी लंबी पोस्ट्स में वर्मा ने कहा, “पशुओं के भी अधिकार हैं, पर क्या इंसानों की जान के बदले?” उन्होंने तंज कसा कि कुछ लोग पालतू कुत्तों को पालकर संवेदना का दिखावा करते हैं, जबकि सड़कों पर मासूम लोग इन जानवरों का शिकार बन रहे हैं।
वर्मा ने व्यंग्य करते हुए सुझाव दिया, “अगर आप कुत्तों को भगवान से ज़्यादा मानते हैं, तो मंदिरों में उनकी मूर्तियां लगाइए और पूजा कीजिए।” उन्होंने फॉलोअर्स से डॉग अटैक से जुड़े वीडियो भेजने को भी कहा।
अपनी पोस्ट में उन्होंने यहां तक कहा, “अगर आप सरकार से नाराज़ हैं, तो जाकर नेताओं की टांग काटिए।”
सोशल मीडिया पर उनकी बातें कुछ लोगों को “बोल्ड और सच्ची” लगीं, जबकि कुछ ने उन्हें “अत्यधिक और असंवेदनशील” करार दिया।
राम गोपाल वर्मा के बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है – क्या इंसानों की सुरक्षा, जानवरों के अधिकारों से कम हो गई है?
