कैमरे पर, आफताब पूनावाला को ले जा रही पुलिस वैन पर तलवार से हमला करते लोग

दिल्ली में प्रेमिका श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को ले जा रही पुलिस वैन पर कल शाम तलवारधारी लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया।

दिल्ली में प्रेमिका श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को ले जा रही पुलिस वैन पर कल शाम तलवारधारी लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया।

सूत्रों ने कहा कि पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में कामयाब रही और पूनावाला सुरक्षित हैं। सूत्रों ने कहा कि पुलिस वैन पूनावाला के दूसरे पॉलीग्राफ परीक्षण के बाद पश्चिमी दिल्ली की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से वापस जेल ले जा रही थी।

हमला एफएसएल बिल्डिंग के बाहर हुआ था। सूत्रों ने कहा कि लोगों ने अपनी कार को पुलिस वैन के आगे खड़ा कर दिया था और उसे रोक दिया था।

तभी कार से पांच लोग तलवारें लहराते हुए निकले और वैन को निशाना बनाया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने अपने हथियार निकाल लिए और हवा में फायरिंग की। कोई घायल नहीं हुआ और दो हमलावरों को हिरासत में ले लिया गया हैं।

सूत्रों ने कहा कि उन्होंने दावा किया है कि उनके नाम निगम गुर्जर और कुलदीप ठाकुर थे और वे गुरुग्राम के निवासी थे। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने यह भी दावा किया कि वे दक्षिणपंथी समूह हिंदू सेना के सदस्य थे – जिसकी पुलिस पुष्टि कर रही हैं।

हिंदू सेना ने एक बयान में कहा, “इन कार्यकर्ताओं ने जो कुछ भी किया है वह उनकी व्यक्तिगत भावनाएं हैं, पूरा देश देख रहा है कि कैसे आफताब ने एक हिंदू लड़की के टुकड़े-टुकड़े कर दिए।

संगठन ऐसे किसी भी काम का समर्थन नहीं करता है जो भारत के संविधान के खिलाफ़ हो, हम भारत के कानून को मानते हैं”। पूनावाला के वकील ने मीडिया से कहा कि वह “आफताब के लिए सुरक्षा की मांग” के लिए अदालत जाएंगे।

पूनावाला ने दावा किया है कि गर्मागर्म बहस के दौरान उसने श्रद्धा वाकर की हत्या कर दी। बाद में उसने शव के 35 टुकड़े कर दिए और उन्हें कई दिनों तक फ्रिज में रखने के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में ठिकाने लगा दिया।

20 से भी कम हिस्से बरामद किए गए हैं और डीएनए टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। उसने अदालत में भी हत्या की बात स्वीकार की है, लेकिन इसे सबूत के रूप में नहीं गिना जाएगा क्योंकि कार्यवाही उसकी पुलिस रिमांड के विस्तार के बारे में सुनवाई थी।

पॉलीग्राफ टेस्ट या नार्को-एनालिसिस के परिणाम जो बाद में होंगे, अदालत में भी स्वीकार्य नहीं हैं। मामले में कोई प्राथमिक गवाह नहीं हैं।

वर्तमान में, पुलिस के पास केवल उस भयानक अपराध के परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं जिसने देश को झकझोर कर रख दिया हैं। पूनावाला को उनकी तिहाड़ जेल नंबर 4 में चौबीसों घंटे कैमरे की निगरानी में रखा गया हैं।

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