ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में, दिल्ली में ऑटो, टैक्सी और कैब चालक संघों के सदस्यों ने सोमवार से दो दिनों के लिए हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। ऑटो और कैब चालकों की कई यूनियनें किराया दरों में बढ़ोतरी और ईंधन की कीमतों को कम करने की मांग कर रही हैं।

दिल्ली सरकार की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद भी हड़ताल समाप्त नहीं हुई है। दिल्ली सरकार ने समयबद्ध तरीके से किराया संशोधन पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की थी।

भारतीय मजदूर संघ की इकाई ऑटो एंड टैक्सी एसोसिएशन ऑफ दिल्ली ने 18 और 19 अप्रैल को दिल्ली में हड़ताल की घोषणा की है। उनका दावा है कि इन दो दिनों में बड़ी संख्या में ऑटो और कैब दिल्ली की सड़कों पर नहीं उतरेंगे।

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने एएनआई से फोन पर बातचीत में आरोप लगाया कि केंद्र और दिल्ली सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 30 मार्च को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर अपनी मांगों पर प्रकाश डाला, जिसमें सीएनजी की कीमतों पर सब्सिडी शामिल है।

उन्होंने कहा, “हमें सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। हमने दो दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया और अब हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं। ऑटो और कैब यूनियनों की मांगों को सूचीबद्ध करते हुए, श्री सोनी ने कहा, “हम नहीं चाहते कि किराया बढ़े, क्योंकि इससे आम लोगों की जेब भी प्रभावित होगी।

हमारी एकमात्र मांग यह है कि सरकार ईंधन की कीमत में वृद्धि नहीं करती है और सीएनजी के दामों पर सब्सिडी दो..हम मांग करते हैं कि सरकार सीएनजी की कीमतों पर 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी प्रदान करे।”

श्री सोनी ने आश्वासन दिया कि विरोध शांतिपूर्ण होगा; हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ तत्व – सरकार के पक्ष में विरोध को बाधित करने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि ऑटो और टैक्सियों से जुड़ी कई और यूनियनें इस हड़ताल में शामिल नहीं हो रही हैं।

कैपिटल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चंदू चौरसिया ने एएनआई को बताया कि ग्रामीण सेवा और ई-रिक्शा 18 और 19 अप्रैल को हड़ताल में हिस्सा नहीं लेंगे। “हमेशा की तरह, हम दिल्ली के लोगों की सेवा करना जारी रखेंगे,” उन्होंने कहा।

हालांकि चौरसिया ने भी सीएनजी पर सब्सिडी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हमें राहत जरूर मिलनी चाहिए। दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा कि ओला और उबर कैब ड्राइवर 18 अप्रैल से हड़ताल पर जाएंगे।

“2015 से ओला और उबर के किराए में वृद्धि नहीं हुई है और हमने कई बार इसका विरोध किया है लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इन सात सालों में सीएनजी और पेट्रोल के दाम आसमान छूने लगे।”

श्री सिंह ने यह भी कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक धरना नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा, “हमें लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई से समर्थन प्राप्त है। वहां भी कल से हड़ताल शुरू होगा। दिल्ली में अभी सीएनजी की कीमत 71.61 रुपये प्रति किलो है।