बिहार में राजग और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया है उपचुनाव में दोनों ही पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी नजर आएंगी।साल 2020 में जब विधानसभा के चुनाव हुए थे तब दोनों ही गठबंधन के तहत तारापुर की सीट पर राजद और कुरेश्वरस्थान सीट पर कांग्रेस उतारी थी, लेकिन दोनों ही जगह से इन दोनों ही पार्टी में से कोई नहीं जीता। अब उपचुनाव में उसी पहले की तरह ही सीटें बांटनी थी लेकीन राजद ने दोनों ही जगहों पर अपने उम्मीदवारों को उतार दिया हैं और कांग्रेस ने अपने जिससे ये बिल्कुल साफ हो गया हैं कि दोनों ही पार्टी अब अलग अलग चुनाव लड़ेंगी।


साल 2020 में जब विधानसभा के चुनाव हुए तो दोनों ही पार्टियों ने गठबंधन किया था। इसे महागठबंधन का नाम मिला, चुनाव बाद राजद, कांग्रेस और अन्य दलों ने मिलकर 110 और एनडीए ने 125 सीट हासिल कर बिहार में सरकार बनाई थी। जिसमें राजद ने तारीबन 75 और कांग्रेस ने 19 सीटें मिली थी। जब महा गठबंधन सरकार बनने में पीछे रह गई तो रजत को समझ आया कि कांग्रेस को 70 सीट मिली लेकीन वो सिर्फ 19 सीटें ही जीत पाई थी। इससे पार्टी की सीटें घट गई। अनुमान यही लगाया जा रहा है कि अगर कांग्रेस अच्छा से पकड़ बनाती तो महा गठबंधन सरकार ही बन जाति बिहार में, यही तर्क देने वाले में राजद पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी समेत कई नेता यही बात कह रहे हैं।अब जब जेडीयू विधायक की कोरोना से मौत होने के बाद सीट खाली हो गई जिसकी वजह से उपचुनाव की नौबत आ गई हैं। अब राजद कांग्रेस की परफॉमेंस से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं यही कारण हैं की राजद ने उपचुनाव अकेले लड़ने का फ़ैसला कर लिया हैं।


एक ओर जहां राजद कांग्रेस की खराब परफॉमेंस होने के कारण महा गठबंधन खत्म कर रही है वही कांग्रेस का कन्हैया कुमार को अपनी पार्टी में शामिल करना बिल्कुल भी रास नहीं आया हैं। राजद ने कांग्रेस की 19 सीटों की परवाह किए बिना ही तारापुर और कुरेश्वरस्थान दोनों ही जगह अपने उम्मीदवारों को उतार दिया हैं। वही अब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी का कहना है कि आने वाले समय में लोकसभा चुनाव और विधानसमा चुनाव में भी कांग्रेस सभी सीटों पर लड़ेगी।