किसान लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर आज रेल यातायात रोक रहे हैं। इसको लेकर जहां किसान संगठनों ने अपनी पूरी तैयारी रखी है, वहीं रेलवे और पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों मेरठ, गाजियाबाद, हापुड, बुलंदशहर, नोएडा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर आदि जिलों में संयुक्त किसान मोर्चा ने रेल रोको आंदोलन की रणनीति बनाई है, जिसके तहत मोर्चा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी आज सुबह से छह घंटे के लिए रेल यातायात बाधित करेंगे।

मोर्चा ने यह स्पष्ट किया है कि इस दौरान रेल संपत्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। साथ ही सभी संगठनों से विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की भी अपील की है। इसे देखते हुए मेरठ सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। जीआरपी और आरपीएफ को रेल पटरियों की सुरक्षा और गश्त के निर्देश दिए गए हैं।

लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा में किसानों के मौत के मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त करने सहित दूसरी मांगों के समर्थन में किसानों ने रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की थी। भाकियू अध्यक्ष और किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार आंदोलन का माहौल खराब करने का लंबे समय से प्रयास कर रही है।

टिकैत ने कहा कि शांति के साथ रेल यातायात रोककर प्रदर्शन किया जाएगा जिससे रेलवे की किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्रोग्राम के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा और सहयोगी संगठन आज, 18 अक्टूबर को पूरे भारत में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रेल गाड़ियों का यातायात रोकेंगे।