सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के बीच 35 वर्षीय दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या और शव के साथ बर्बरता करने का मामला सामने आया और अब यह तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर सिंघु बॉर्डर खाली कराने की मांग उठाई गई है।

सीनियर वकील शशांक झा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दायर इस याचिका में कहा गया कि सिंघु बॉर्डर को जल्द खाली कराया जाए। किसान आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई हो चुकी है।

इस महीने की शुरुआत में ही दिल्ली के किसानों से जुड़े ‘किसान महापंचायत’ नाम के संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि “आप ट्रेनें रोक रहे हैं, हाइवे बंद कर रहे हैं।

क्या शहरी लोग अपना बिजनेस बंद कर दें? क्या ये लोग शहर में आपके धरने से खुश होंगे? आपने पूरे शहर को अवरुद्ध कर रखा है, और अब आप शहर के भीतर आकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। आप कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, इसका मतलब है कि आपको कोर्ट पर भरोसा है। फिर विरोध प्रदर्शन की क्या जरूरत?”

बता दें कि दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर गुरुवार रात युवक,लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। युवक को 100 मीटर तक घसीटा गया, फिर उसका एक हाथ काट किसानों के धरनास्थल पर मंच के सामने ही लाश को लटका दिया गया था।

इस हत्याकांड की जिम्मेदारी निहंगों ने ली। मृतक मजदूर था और पंजाब के तरन तारन का रहने वाला था जिसकी हत्या के बाद किसान आंदोलन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक सरकार कृषि कानूनों को पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा नहीं कर देती है, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।