हरियाणा सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ने को लेकर राज्य में 54 साल से लगे बैन को अखिरकार हटा दिया है। इस बैन के अनुसार पहले हरियाणा राज्य के सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते थे, लेकिन पाबंदियां हटने के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारी आरएसएस में शामिल होकर इसकी गतिविधियों का हिस्सा बन सकेंगे।

बैन को हटाने की जानकारी हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सर्कुलर जारी कर दी जिसमें बताया गया कि सरकारी कर्मचारियों पर आरएसएस में शामिल होने और इसकी गतिविधियों का हिस्सा बनने पर लगे बैन से सम्बन्धित सभी आदेशों को वापस ले लिया गया है। ज्ञात हो कि 1967 में केंद्र सरकार ने देश के सरकारी कर्मचारियों पर आरएसएस में शामिल होने और इसकी गतिविधियों का हिस्सा बनने पर बैन लगाया था।

उसी साल तत्कालीन हरियाणा सरकार ने सर्कुलर जारी कर राज्य में इस बैन को लागू किया था। हालांकि, देश से आपातकाल हटने के बाद जनता पार्टी की सरकार ने यह बैन हटा दिया था, पर 1980 में कांग्रेस सरकार द्वारा इसे फिर से वापस लागू कर दिया गया था।

अब हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बैन को हटाने के वजह में बताया कि जब यह बैन लगा और इसके संबंध में जो आदेश जारी किए गए थे, वर्तमान समय वे प्रसांगिक नहीं हैं।

मनोहर लाल खट्टर सरकार का मानना है कि आरएसएस कोई राजनीतिक नहीं बल्कि सिर्फ एक सांस्कृतिक संगठन है जिसपर पाबंदी लगाने का कोई मतलब नहीं और गृहमंत्रालय की तरफ़ से भी पहले ही ये निर्देश जारी किए जा चुके हैं।