महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी सरकार(एमवीए) के तीन दलों ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के खिलाफ सोमवार को बंद बुलाया है। महाविकास आघाड़ी ने प्रदेशव्यापी बंद का लोगों से दिल से समर्थन करने की अपील की है।

हिंसा के विरोध में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल दलों ने इस बंद का आह्वान किया है। इस बंद का आह्वान एमवीए में शामिल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने संयुक्त रूप से किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने रविवार को कहा कि “

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने तीन कानून बना कर कृषि उत्पादों की लूट की अनुमति दे दी है और अब इनके मंत्रियों के रिश्तेदार किसानों की हत्या कर रहे हैं। हमें कृषकों के साथ एकजुटता दिखानी होगी।”

साथ ही, छत्रपति शिवाजी मार्केट यार्ड ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी इस बंद का समर्थन किया है। एसोसिएशन का कहना है कि सोमवार को फल-सब्‍जी, प्‍याज, आलू के बाजार पूरी तरह से बंद रहेंगे।

व्‍यापारी संगठन ने सभी व्‍यापारियों से इस बंद को लेकर अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की है। उन्‍होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज को सोमवार को शहरों में ना लाएं। हालांकि इस दौरान जरूरी सेवाएं,अस्पताल, दवाइयों की दुकानों की सेवाएं जारी रहेंगी।

किसान सभा ने भी इस बंद का समर्थन किया है। संगठन ने कहा है कि 21 जिलों में कार्यकर्ता समान विचार वाले संगठनों के साथ बंद को सफल बनाने के लिए समन्वय स्थापित कर रहे हैं। हालांकि मुंबई और पुणे में बस सेवा पर असर देखने को मिला है जिसमें मुंबई में बेस्ट की बसों में तोड़फोड़ की गईं। हालांकि रेल सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

लखीमपुर खीरी की घटना में 8 लोगों की मौत हुई थी जिनमें से 4 किसान थे। ताज़ा खबर में केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हो चुकी है।