अफगानिस्तान के कुंदूज शहर स्थित मस्जिद के भीतर हुए बम विस्फोट की जिम्मेदारी आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने ली है। मस्जिद में हुए इस हमले में करीब 80 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे। शुक्रवार को दोपहर के समय जब यह विस्फोट हुआ तब इलाके में रहने वाले शिया मुसलमान बड़ी संख्या में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में आए हुए थे।

तेज आवाज के साथ हुए विस्फोट के बाद मस्जिद धुएं और चीख-पुकार से भर गई। धुंआ छंटने के बाद जब आसपास के लोग मस्जिद के भीतर पहुंचे तो खून से लथपथ धरती और मानव अंग बिखरे पड़े देख दंग रह गए। बचे तमाम घायल मदद के लिए लोगों को पुकार रहे थे।

हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) की खोरसान शाखा ने ली। अफगानिस्तान में जड़ जमा रहे आइएस के हमलों में तालिबान द्वारा सत्ता हासिल होने के बाद से तेजी आई है। तालिबान शासन में पहला बड़ा हमला 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुआ था जिसमें 169 अफगान नागरिक और 13 अमेरिकी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।

उसके बाद रविवार को काबुल की ईदगाह मस्जिद के प्रवेश द्वार पर नमाज के वक्त विस्फोट हुआ था जिसमें पांच लोग मारे गए थे। शुक्रवार के हमले में अधिक शिया हजारा आबादी वाला कुंदूज प्रांत निशाना बना।

प्रांत की राजधानी कुंदूज शहर में स्थित मस्जिद पर उस समय हमला हुआ जब वह नमाजियों से पूरी तरह से भरी हुई थी, उस समय भीड़ के बीच विस्फोट हुआ। आशंका है कि हमलावर आत्मघाती था जिसने ज्यादा नुकसान पहुंचाने की नीयत से नमाजियों के बीच पहुंचकर खुद को उड़ाया। विस्फोट से मस्जिद की इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने बताया कि आतंकी हमले में शिया मस्जिद को निशाना बनाया गया जिसमें तमाम नमाजियों की मौत हुई या फिर वे घायल हुए। तालिबान का विशेष बल मौके पर पहुंचा और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी।

प्रमुख शिया धर्मगुरु सैयद हुसैन अलीमी बल्खी ने हमले की निंदा करते हुए तालिबान से अफगानिस्तान में शियाओं के लिए सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया।