उत्तर प्रदेश के मेरठ में लखीमपुर खीरी की घटना के बाद से प्रर्दशन जारी है। समाजवादी पार्टी(सपा) के जोरदार प्रदर्शन के बाद पुलिस का दावा है कि आंदोलन की आड़ में पुलिसवालों पर पेट्रोल फेंका गया जिसमें करीब 6 पुलिस वाले जख्मी हो गए।

मामले में 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सपा नेताओं पर केस भी दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में प्रदेशभर में किए जा रहे प्रदर्शन की आड़ में मेरठ में उत्तेजित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कई पुलिसवालों पर पेट्रोल डाल दिया। एएसपी सूरज राय समेत 6 पुलिसवाले पेट्रोल हमले में जख्मी हो गए।

इसके अलावा, पूतला फूंकते वक्त भी सपा कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर सपा नेताओं ने अलग-अलग गुटों में बंटकर सोमवार को कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।

पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से हुई झड़प में कई नेताओं को गिरफ्तारी किया गया। सुबह 10 बजे के आसपास पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, पूर्व जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह और बाबर चौहान खरदौनी के साथ नेता कमिश्नरी के गेट पर बैठ गए। पुतला फूंके जाने के दौरान यहां पर काफी देर तक अफरातफरी रही।

पुलिस का दावा है कि सपा कार्यकर्ता के कब्जे से पेट्रोल की बोतलें और ज्वलनशील पदार्थ बरामद हुए हैं। हंगामे और उपद्रव के दौरान भी कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। तीन पुलिस वालों ने अब तक मेडिकल परीक्षण कराया है।

फिलहाल, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कैमरे की फुटेज के आधार पर लोगों की पहचान की और अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिटी एसपी विनीत भटनागर का कहना है कि सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और इसके अलावा हमला करने वालों की वीडियो फुटेज निकलवाई जा रही है ताकि उन पर गंभीर धाराओं में भी केस दर्ज हो सके। उन्होंने बताया कि हंगामा और आंदोलन करने वाले दर्जनों लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन भिजवाया गया था, लेकिन मजिस्ट्रेट के आदेश पर फिलहाल उन्हें छोड़ दिया गया है।

सपा के अलावा प्रसपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किया गया है।