बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए हो रहे उपचुनावों को लेकर महागठबंधन बिहार में टूटा दिख रहा है। जहां राजद ने अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है तो वहीं, कांग्रेस तेजस्वी यादव की इस मनमानी से नाराज दिख रही है।

अब कांग्रेस भी दोनों सीटों, कुशेश्वरस्थान और तारापुर, पर अपना उम्मीदवार लाने की तैयारी में है। ऐसे में बड़ी खबर यह है कि पार्टी की तरफ से मंगलवार को पांच माह बाद जेल से रिहा हुए जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को अपना उम्मीदवार बनाने की तैयारी की जा रही है।

बिहार में बदलते राजनीतिक हालात में कांग्रेस अब राजद से आमना-सामना करने को तैयार दिख रही है। जेल से रिहा होने के बाद कांग्रेस ने पूर्व सांसद पप्पू यादव को तारापुर से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है।

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा कि “पप्पू यादव जेल से रिहा हो गए हैं और बिहार में पप्पू यादव लालू यादव के बाद यादवों के दूसरे सबसे बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं।

कांग्रेस उनके संपर्क में है, लेकिन शर्त यही है कि पप्पू यादव कांग्रेस के सिंबल पर ही तारापुर विधानसभा से चुनाव लड़ना तय कर लें।” उन्होंने आगे कहा कि अगर पप्पू यादव सहमति व्यक्त करते हैं तो पार्टी इस पर विचार करेगी।

कांग्रेस की तरफ़ से जाप प्रमुख को यह ऑफर देना राजद को झटका देने की तरफ कदम बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार विधानसभा उपचुनाव के लिए अगले 30 अक्टूबर को राज्य में दो सीटों पर राजद की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने के ऐलान के बाद कांग्रेस राजद पर हमलावर होती दिखी।

पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक शकील अहमद खान ने तो यहां तक कह दिया कि “राजद ने भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की मुहिम को कमजोर करने की कोशिश की है।” कांग्रेस विधायक ने कहा कि “राजद ने गठबंधन को लेकर गलत कदम उठाए हैं। कांग्रेस अब कुछ भी फैसला ले सकती है।”

साथ ही राजद से दूरी और जद(यू) से नजदीकियां बढ़ाने का संकेत देते हुए विधायक शकील ने कहा कि “नीतीश कुमार के साथ जब कांग्रेस महागठबंधन में थी तो पार्टी की जीत का स्ट्राइक रेट काफी अच्छा था।”