उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत के घटना के बाद सियासी माहौल गर्म है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी(सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेताओं ने लखीमपुर कूच का ऐलान किया।

प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार से मिलने वाली थीं लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। किसानों से मिलने के लिए प्रियंका सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी पहुंचने वाली थीं, लेकिन उन्हें हरगांव के पास हिरासत में ले लिया गया।

वह रात 1 बजे रवाना हुई थीं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर बताया कि प्रियंका गांधी को हरगांव से हिरासत में लेकर सीतापुर पुलिस लाइन ले जाया जा रहा है। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि प्रियंका गांधी से पुलिसकर्मियों ने जोर जबरदस्ती भी की, जिसका उन्होंने मुखर विरोध किया।

एक जारी वीडियो में देखा जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने प्रदेश की पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वो ऐसे उन्हें साथ नहीं ले जा सकते, पहले अरेस्ट वारंट दिखाएं और फिर गिरफ्तार करके ले जाएं। धक्का-मुक्की से नाराज प्रियंका ने कहा कि ऐसे में पुलिसकर्मियों पर मारपीट, छेड़छाड़ और अपहरण का मामला बन सकता है।

लखीमपुर खीरी जाते समय प्रियंका को सीतापुर पुलिस ने रोककर पीएसी परिसर लाया जहां से आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें नजरबंद कर लिया गया है। पीएसी परिसर से बाहर निकालने के लिए पीएसी जवानों और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके समर्थकों के बीच काफी नोंकझोक हुई है।

इसी दौरान जारी वीडियो में प्रियंका गांधी और पुलिसवालों के बीच तीखी नोंकझोक होती दिख रही है जिसमें वह पुलिसवालों से कहती हैं कि “महिला से बात करना सीखो। तुम मुझे धकेल नहीं सकते। जाओ अफसरों से, मंत्रियों वारंट ले आओ, ऑर्डर निकलो नहीं तो मैं यहां से नहीं हिल रही हूं और अगर आप मुझे उस कार में डाल देंगे तो मैं आप पर अपहरण का आरोप लगाऊंगी।”