पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान और सीनियर नेताओं की तरफ से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए जाने के बीच पूर्व कांग्रेस नेता नटवर सिंह का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने माना कि आज कांग्रेस की हालत ठीक नहीं है।

उन्होंने सारी समस्या की जड़ कांग्रेस आलाकमान को बताया। “आलाकमान में तीन लोग हैं। इन सबके अलावा किसी की नहीं चलती और जब तक ये रहेंगे, किसी और की चलेगी भी नहीं” नटवर सिंह ने तीखे शब्दों में कहा।

“मैं नहीं मानता कि कांग्रेस किसी भी राज्य में भाजपा को हरा सकती है” कांग्रेस की ओर से यह कहे जाने पर कि सबसे पुरानी पार्टी होने के नाते भाजपा को हराना हमारा मकसद है पर नटवर सिंह का कहना।

उन्होंने माना कि पार्टी में कोई आलाकमान की नहीं सुनेगा। गुलाब नबी आज़ाद और बाकी नेताओं ने वर्किंग कमेटी की मीटिंग बुलाने की मांग पर उन्होंने पूछा कि अभी तक बैठक क्यों नहीं बुलाई गई?

“पंजाब में जारी अंतर्कलह और चल रहे उथल-पुथल के पीछे हाई कमान के ही फैसले हैं, जो उन्होंने खुद लिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को अस्थिर करार दिया था इसके बावजूद उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया, जो पूरी तरह से आलाकमान का निर्णय था। अब कैप्टन नई पार्टी बना रहे हैं, तो कांग्रेस पार्टी को उसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।

लोगों का सवाल यह है कि आपके फैसले लेने का विवेक कहां खो गया है? कांग्रेस आलाकमान खासकर पार्टी के स्थायी अध्यक्ष की बात करने पर कपिल सिब्बल के घर जो कुछ हुआ, वह अचानक नहीं था, उसकी प्लानिंग पहले से थी। सारा प्रोटेस्ट किसी के इशारों पर हुआ था।

उसका खंडन होना चाहिए था, जो अभी तक नहीं हुआ है” पूर्व नेता ने अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहा। तो वहीं, सांगठनिक फेरदबल के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व में उन्हें फेरबदल की कोई गुंज़ाइश नज़र नहीं आती।

अगर शीर्ष तीन लोग ही बने रहें तो उन्होंने डर दिखाया कि इसका खामियाजा पूरी पार्टी को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “कभी भी ये चर्चा नहीं होती कि सोनिया, राहुल, प्रियंका ने किसी बड़े नेता से मशविरा लिया हो। सोनिया गांधी ने 6 महीने के लिए अंतरिम अध्यक्ष बने रहने की बात कही थी, पर अब उन्हें दो साल हो गए हैं।”

राहुल गांधी का नाम लेते हुए उनपर हमला बोलते हुए नटवर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई पद नहीं है और वे ही सारे फैसले ले रहे हैं। प्रियंका और राहुल पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि इन दो लोगों ने ही सिद्धू को आगे बढ़ाया था।

नटवर सिंह के अनुसार पंजाब का फैसला गलत हुआ है और ऐसे में अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी अलग पार्टी बनाते हैं तो इससे कांग्रेस को नुकसान होगा।

पूर्व कांग्रेस नेता ने सीडब्ल्यूसी की बैठक को जरूरी बताते हुए कहा कि पहले सीडब्ल्यूसी की बैठक में चर्चा होती थी उसके बाद फैसले होते थे, इसीलिए गुलाम नबी आजाद ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की है।

संगठन में चुनावों को उन्होंने जरूरी बताया। नटवर सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की बराबरी नहीं कर सकते क्योंकि मोदी अच्छे वक्ता हैं। उन्होंने सुझाया कि सबसे वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन बने तो मोदी को टक्कर दी जा सकती है। नटवर सिंह ने बेबाक अंदाज में कह दिया कि राहुल के नेतृत्व में विपक्ष टक्कर भी नहीं दे पाएगा।