उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। बुधवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी(प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के आवास पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण की मुलाकात हुई।

इनके बीच करीब घंटे भर सियासी मुद्दों को लेकर चर्चा चली। हालांकि गठबंधन को लेकर अभी किसी ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह लगातार समाजवादी पार्टी(सपा) के साथ गठबंधन की पहल करते रहे हैं, लेकिन अभी तक स्थितियां साफ नहीं हो पाई है।

ऐसे में मंगलवार को उन्होंने इटावा में साफ किया था कि उनकी तरफ से पहल हो चुकी है,अब फैसला अखिलेश यादव को करना है। बुधवार दोपहर वह इटावा से लखनऊ लौटे।

इस बीच वह दो अक्तूबर को फिरोजाबाद से पैदल यात्रा और 12 अक्तूबर को सामाजिक परिवर्तन यात्रा निकालने की भी तैयारी कर रहे है।

बुधवार शाम करीब छह बजे उनके आवास पर एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अध्यक्ष राजभर पहुंचे और तीनों के बीच बातचीत शुरू हुई। इतने में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर भी वहां पहुंच गए‌ और बैठक चली।

शिवपाल सिंह के आवास पर तीन पार्टियों के अध्यक्ष के पहुंचने को सियासी नजरिए से अहम माना जा रहा है क्योंकि ओवैसी 21 सितंबर को भी शिवपाल यादव से मुलाकात कर चुके हैं। इस बार एआईएमआईएम प्रमुख के साथ राजभर और चंद्रशेखर के आने से संकल्प भागीदारी मोर्चा गठन की कवायद जोर पकड़ती नजर आ रही है।

ज्ञात हो कि शिवपाल यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा हैं और आपसी मतभेद के बाद समाजवादी पार्टी से अलग होकर उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई थी। पिछले दिनों शिवपाल यादव ने साफ किया कि सपा के साथ गठबंधन के लिये वह अखिलेश यादव को 11 अक्टूबर तक का समय दे रहे हैं, अथवा उसके बाद उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बारे में फैसला करेगी।

वहीं, एआईएमआईएम ने उत्तर प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया है।