जल्द ही देश से प्रसार भारती दूरदर्शन का अस्तित्व मिटने वाला है। बिहार के विभिन्न जिलों में संचालित दूरदर्शन केंद्र को भी बंद कर दिया जाएगा। 31 अक्टूबर से सहरसा के दिवारी स्थित हाई पावर दूरदर्शन ट्रांसमीटर केंद्र सहित भागलपुर एवं सीवान जिले के दूरदर्शन केंद्र भी बंद हो जाएंगे।

इनके अलावा 31 अक्टूबर को ही देश के विभिन्न राज्यों के शहर में स्थापित 152 प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्रों को भी बंद किया जाएगा। जबकि साल के अंतिम दिन यानि 31 दिसंबर को बिहार के 15 जिले में स्थित केंद्रों सहित देश के सभी प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्रों को भी बंद कर दिया जाएगा।

इन सभी दूरदर्शन केंद्रों को बंद का निर्णय प्रसार भारती लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन निदेशालय, नई दिल्ली की तरफ़ से लिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा दूरदर्शन केंद्र बंद की एनेक्सर वार तिथि भी जारी कर दी गई है।

बिहार के सहरसा सहित मुजफ्फरपुर और कटिहार में हाई पावर ट्रांसमीटर दूरदर्शन केंद्र जबकि बांका, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, सिकंदरा, औरंगाबाद, गया, जमुई, नवादा, शेखपुरा, बेतिया, मोतीहारी और रामनगर में लो पावर ( एलपीटी) दूरदर्शन केंद्र संचालित हैं।

ये सभी केंद्र के फैसले द्वारा इस साल 31 दिसंबर को बंद हो जायेंगे। अलग-अलग राज्यों के शहरों में चल रहे प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्र को तीन फेज में बंद करने का फैसला लिया गया है। इसमें एनेक्सर-बी के तहत देश के 151 जिसमें 108 डिजिटल ट्रांसमीटर रिले केंद्र शामिल हैं, उनको 31 मार्च 2022 को बंद किया जाएगा।

एनेक्सर-सी के तहत देश के 109 केंद्रों को 31 दिसंबर 2021 को और एनेक्सर-डी के तहत 152 दूरदर्शन केंद्रों को 31 अक्टूबर को बंद करने का फैसला लिया गया है। जबकि एनेक्सर-ए के तहत आने वाले 54 केंद्र जो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में स्थित हैं, वहां के लिए अबतक कोई फैसला नहीं लिया गया है। बता दें कि अभी पूरे देश में 412 दूरदर्शन केंद्र संचालित हैं।

1959 में दूरदर्शन की शुरुआत की गई थी और हर शहर में इसके प्रसारण के लिए रिले सेंटर बनाए गए। एंटीना के जरिए टेलीविजन पर दूरदर्शन चैनल का प्रसारण होता था। बदलते मौजूदा दौर में अब जब डीटीएच प्लेटफॉर्म से दूरदर्शन सहित दूसरे चैनलों का प्रसारण हो रहा है तो इस कारण इन केंद्रों की जरूरत खत्म हो गई है। इसी के चलते रिले केंद्र को बंद करने का फैसला लिया गया है।