सोमवार को जहां किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद के दौरान देशभर में अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन किया, तो वहीं आज प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों को नई सौगात दिया।

प्रधानमंत्री ने आज देश को विशेष गुणों वाली 35 किस्म की फसलें समर्पित की। सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन फसलों की वैरायटी राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर इस बात की जानकारी साझा की थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि “28 सितंबर को सुबह 11 बजे एक महत्वपूर्ण कृषि संबंधी कार्यक्रम होने जा रहा है।

विशेष गुणों वाली 35 फसल किस्में राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी। इसके साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस टॉलरेंस रायपुर के नए परिसर का भी लोकार्पण किया जाएगा।”

वहीं अपने एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री उन्होंने कहा कि “यह प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करेगा कि जलवायु परिवर्तन और कुपोषण को कम करने के लिए इन विशेष लक्षणों वाली फसल किस्मों को आईसीएआर (ICAR) द्वारा विकसित किया गया है। मैं अपने मेहनती किसानों के साथ बातचीत करने को लेकर भी उत्सुक हूं।”

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष गुणों वाली 35 फसल किस्में राष्ट्र को समर्पित की, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस टॉलरेंस’ रायपुर के नए परिसर का लोकार्पण किया, कृषि विश्वविद्यालयों को हरित परिसर पुरस्कार प्रदान किया।

इन सबके अलावा प्रधानमंत्री ने खेती में नई तकनीक का उपयोग करने वाले किसानों से बातचीत भी की। इन फसलों से फायदा की फसल की पैदावार बढ़ाने में इस्तेमाल होगा तो साथ ही जलवायु परिवर्तन और कुपोषण को कम किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि इन फसलों में चने की ऐसी एक फसल भी होगी जो आसानी से सूखे की मार झेल सकती है।

इसके अलावा पैदावार बढ़ाने के लिए और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली अरहर और चावल की किस्म को विकसित किया गया है। इसके अलावा बाजरा, मक्का, कुट्टू जैसी फसलों की अलग वैरायटी भी शामिल हैं।

बदलते मौसम और मानसून की अनिश्चतता को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा ये सौगात आने वाले दिनों में देश को खाद्यान्न संकट से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।