दिल्ली में अक्टूबर महीने से शराब की सभी प्राइवेट दुकानें बंद कर दी जाएंगी । 1 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी में शराब की बिक्री सरकारी दुकानों से ही होगी। दिल्ली सरकार नवंबर से नई नीति लेकर आ रही और तब तक प्राइवेट शराब की दुकानों पर शराब की बिक्री नहीं होगी।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जानकारी देते हुए कई मामलों पर खुलकर चर्चा की है। सिसोदिया के मुताबिक कोरोनाकाल में सरकार का राजस्व घटा है। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के अनुसार सभी 32 जोन में लाइसेंस के आवंटन के बाद सरकार ने निजी शराब की दुकानों का लाइसेंस 30 सितंबर तक के लिए एक्सटेंड किया था जो अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 32 क्षेत्रों में सबसे अधिक बोली लगाने वालों को खुदरा शराब बिक्री लाइसेंस पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं जिनमें से प्रत्येक में लगभग 10 वार्ड और 27 शराब विक्रेता हैं।

वर्तमान में दिल्ली में 849 शराब की दुकानें हैं, जिनमें से 276 निजी तौर पर चलती हैं। बाकी का संचालन दिल्ली सरकार की एजेंसियां करती हैं। 26 नगरपालिका वार्ड ऐसे हैं जहां केवल निजी शराब की दुकानें हैं।

इनमें आरकेपुरम, एंड्रयूज गंज, लाजपत नगर, पटपड़गंज, राजौरी गार्डन, तुगलकाबाद, कोटला मुबारकपुर, इंद्रपुरी, रानी बाग, रोहताश नगर, जिलमिल और पांडव नगर शामिल हैं। साथ ही लाइसेंसधारी को यह भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि दुकान के ठीक बाहर कोई सूखा नाश्ता या पका हुआ भोजन आउटलेट न खुले जो लोगों को शराब पीने और दुकान के आसपास ही घूमने के लिए प्रोत्साहित करे।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नई आबकारी नीति तहत केंद्र शासित दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया है, जिनमें से 20 जोन में लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बाकी 12 जोन के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्‍द जारी की जाएगी।

17 नवंबर से नई आबकारी नीति के तहत नई दुकानें खोली जाएंगी, लेकिन तब तक सिर्फ सरकारी दुकानों पर ही शराब की बिक्री होगी।

उपमुख्यमंत्री के बताए मुताबिक बीते कुछ महीनों में राजस्व प्राप्ति में भारी कमी आई है। साल 2020-21 में दिल्ली को अनुमान से 41 प्रतिशत कम राजस्व की प्राप्ति हुई तो वहीं 2021-22 में भी अब तक अनुमानित राजस्व से 23 प्रतिशत कम राजस्व मिला है।

नवंबर में नई नीति लागू होने से राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी। दिल्ली में शराब के दुकान की लाइसेंस फीस 8-10 लाख रुपये और एक्साइज ड्यूटी 300 प्रतिशत तय है। एक अनुमान के मुताबिक नई आबकारी नीति से दिल्ली सरकार को नवंबर 2021 के बाद से हर साल लगभग 3500 करोड़ रुपये के राजस्व की और एक्साइज से लगभग 10000 करोड़ के कुल राजस्व की प्राप्ति होगी।

इन सबके अलावा उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के मुताबिक नई आबकारी नीति से पूरी प्रणाली में बदलाव भी आएगा जिससे किसी भी शराब की दुकान के लिए कम से कम 500 वर्ग फीट की दुकान होना जरूरी होगा।