पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन कानपुर से एआईएमआईएम की तरफ़ से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। जाजमऊ के खुशबू मैदान पर सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने यह ऐलान कर बताया।

शाइस्ता परवीन ने कहा कि वह टिकट लेंगी नहीं बल्कि बांटेंगी भी। शाइस्ता ने मंच पर अतीक अहमद के जेल से भेजे गए पत्र को पढ़कर सुनाया जिसमें पूर्व सांसद अतीक ने आरोप लगाया कि वह अखिलेश यादव की वजह से जेल में हैं।

शाइस्ता ने कहा कि यह पत्र उनके पति ने प्रयागराज के लिए भेजा था। कानपुर के लिए भी पत्र आना था लेकिन आ नहीं सका। उन्होंने पुत्र को अकारण फंसाने का आरोप लगाते हुए मंच पर अपने आंसू न रोक सकीं। पत्र में पूर्व सांसद ने ओवैसी को अपना नेता मानते हुए तारीफों के पुल बांधे।

सभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख दूसरी पार्टियों पर जमकर बरसे भी। ओवैसी ने जातियों और नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा कि “हर जाति का नेता है, लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं।

यूपी में 19 फीसदी मुसलमानों की आबादी है लेकिन नेता एक भी नहीं। संविधान तो नेता बनने का अधिकार देता है।” उन्होंने अपने को मुसलमानों का नेता ठहराते हुए कहा कि “एक ओवैसी नहीं पूरे प्रदेश में 100 ओवैसी चाहिए।

यह जज़्बाती नारों से नहीं बल्कि मुत्तहिद होने से होगा।” ओवैसी ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि बकरी चोरी में आजम खां को जेल में डाल दिया। अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी को जेल में डाल दिया गया। 27 फीसदी मुसलमान जेलों में हैं।

उन्होंने दूसरी पार्टियों पर दलितों-मुसलमानों को बेरोजगार करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने खुद को देश के हर गरीब और कमजोर के साथ बताया। उन्होंने शहर में अंडरग्राउंड बिजली केबिल, रसोई गैस की महंगाई, कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का मुद्दा भी उठाया।

गौरतलब हो कि वह दो दिन पहले शनिवार को प्रयागराज पहुंच अतीक अहमद के परिवार वालों से मिले थे जहां उन्होंने पूर्व सांसद का समर्थन किया था।