उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई की कड़ी में मऊ जिला प्रशासन ने शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के निकट सहयोगी और कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहे,उमेश सिंह की अवैध रूप से निर्मित चार मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया।

इस बिल्‍ड‍िंग की लागत 10 करोड़ रुपए आंकी गई। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को दी जिसने बताया कि “मुख्तार अंसारी का निकट सहयोगी व मन्ना सिंह हत्याकांड में सहअभियुक्त उमेश सिंह की कोतवाली क्षेत्र के भीटी में अवैध रूप से निर्मित चार मंजिला इमारत को ध्वस्त किया जा रहा है।”

मऊ के पुलिस उपाधीक्षक (शहर) धनंजय मिश्रा ने बताया कि ध्वस्त किये जा रहे भवन को नियमों के तहत अवैध करार दिया गया है। उन्होंने बताया कि भवन का मालिक मुख्तार अंसारी का सहयोगी है और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर नियमानुसार की जा रही है।

उमेश सिंह ने मऊ के भीटी में अवैध तरीके से चार मंजिला इमारत का निर्माण कराया था। इसमें एक मेगा मार्ट भी खुला था। मऊ के तत्‍कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने उक्त भवन के साथ शापिंग मॉल को सील करवा दिया था। इन सब के बाद शनिवार को जिला प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस फोर्स के साथ आरोपी उमेश सिंह के त्रिदेव कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चला दिया।

प्रशासन के बताए मुताबिक भवन संख्या 987, जो उमेश सिंह के तीन लड़कों अजय सिंह,विजय सिंह व विनय सिंह के नाम से हैं,को ध्वस्त किया गया जिसकी संभावित कीमत 10 करोड़ रही।

अपनी कार्रवाई के तहत प्रदेश सरकार अब तक माफियाओं की 1800 करोड़ रुपए से अधिक की सम्‍पत्ति जब्‍त या ध्‍वस्‍त कर चुकी है।